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एक आकाश - 12 महीने, लेकिन भारतीय गणना के तरीके 3
हिन्दी चंद्रमास के 12 माह होते हैं। यह 12 माह नक्षत्रों के नाम पर आधारित है। चंद्रमा की कला की घट-बढ़ वाले दो पक्षों (कृष्ण और शुक्ल) का जो एक मास होता है वही चंद्रमास कहलाता है।

स्वर विज्ञान: श्वास की जागरूकता का मानव शरीर के स्वास्थ से सम्बन्ध
स्वर विज्ञान / स्वर योग श्वास के स्वाभाविक प्रवाह का निरीक्षण करने की एक पारंपरिक साधना है, जो जागरूकता, स्थिरता और दैनिक लय से जुड़ने में सहायक मानी जाती है।

सर्वार्थ सिद्धि योग: कार्य सिद्धि के लिए शुभ संयोग
सर्वार्थ सिद्धि योग अत्यंत शुभ योग माना जाता है, हर प्रकार से लाभ की प्राप्ति को ही सर्वार्थ सिद्धि योग कहा गया है। इस योग में संपन्न होने वाले कार्यों से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

चौघड़िया: दिन के 16 पारंपरिक समय-खंडों को कैसे पढ़ें
चौघड़िया दिन और रात को स्थानीय समय के आठ-आठ खंडों में बाँटता है। जानिए कौन-से समय पारंपरिक रूप से शुभ माने जाते हैं, किनसे बचा जाता है और उनके समय रोज़ क्यों बदलते हैं।

12 राशियाँ और उनकी प्रकृति अथवा स्वभाव
बोधि तत्त्व वाली मेष से लेकर दयालु और दान-शील मीन तक - जानिए किस तत्व, गुण और ग्रह से हर राशि का स्वभाव बनता है।

नवग्रह: नौ ग्रह, उनका स्वरुप एवं स्वभाव
आपने कभी न कभी ग्रहों के बारे में पढ़ा होगा या कभी सुना होगा; क्या है ये - कैसा होता है इनका स्वभाव? आओ समझते हैं।

योग: पंचांग का एक अंग जो बतलाता है समय शुभ है या अशुभ
पंचांग में 'योग' - यह सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त कोणांश से बनने वाले 27 खण्डों में से एक है, जो हर दिन का शुभ-अशुभ तय करता है।

नक्षत्र: 27 चंद्र नक्षत्र और उनका महत्व
नक्षत्र कोई एक तारा नहीं है। चंद्रमा जिस मार्ग पर आकाश में घूमता है, उसे 27 बराबर हिस्सों में बाँटा गया है, हर हिस्सा 13°20′ का। हर हिस्से का नाम उसमें मौजूद तारा-समूह पर रखा गया है|

पुनर्जन्म, रूपांतरण - मानव शरीर और ब्रह्मांडीय संबंध
जन्म का सटीक समय कैसे निकालते है और ग्रहों की गति मानव शरीर को क्यों प्रभावित करती है

अंक विद्या: 1 से 9 तक के मूल अंकों में हर अंक की अपनी एक अलग ऊर्जा, कंपन और प्रभाव होता है।
अंक ज्योतिष अंकों के माध्यम से किसी व्यक्ति के स्वभाव, जीवन, भविष्य और भाग्य को समझने की एक प्राचीन रहस्यवादी विद्या या प्रणाली है।